पटना, 7 मई 2026बिहार की राजनीति में आज एक ऐतिहासिक पल देखा गया जब राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इकलौते बेटे निशांत कुमार ने सम्राट चौधरी कैबिनेट में मंत्री पद की शपथ ली। पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में आयोजित इस भव्य समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सहित एनडीए के कई दिग्गज नेता मौजूद थे।पिता का आशीर्वाद और भावुक पलशपथ ग्रहण के लिए मंच पर जाने से ठीक पहले, निशांत कुमार ने अपने पिता और जेडीयू सुप्रीमो नीतीश कुमार के पास जाकर उनके पैर छुए और आशीर्वाद लिया। इस दौरान वहां मौजूद जेडीयू के अन्य वरिष्ठ नेताओं, जैसे ललन सिंह और संजय झा, का भी उन्होंने अभिवादन किया। नीतीश कुमार ने मुस्कुराते हुए अपने बेटे की पीठ थपथपाई, जिसे बिहार की राजनीति में ‘सत्ता के हस्तांतरण’ और ‘नई पीढ़ी के उदय’ के रूप में देखा जा रहा है।स्वास्थ्य मंत्रालय की मिली जिम्मेदारीशपथ ग्रहण समारोह के बाद हुए विभागों के बंटवारे में निशांत कुमार को बिहार का नया स्वास्थ्य मंत्री (Health Minister) बनाया गया है। राजनीति में प्रवेश के महज 8 सप्ताह बाद ही उन्हें इतना महत्वपूर्ण मंत्रालय मिलना पार्टी में उनके बढ़ते कद को दर्शाता है।राजनीति में ‘ग्रैंड एंट्री’ के मुख्य बिंदु:शपथ ग्रहण: निशांत कुमार के साथ कुल 32 मंत्रियों ने पद और गोपनीयता की शपथ ली।संवैधानिक अनिवार्यता: चूंकि वे वर्तमान में विधायक या एमएलसी नहीं हैं, इसलिए उन्हें अगले 6 महीने के भीतर किसी एक सदन की सदस्यता लेनी होगी।पहला बयान: मंत्री बनने के बाद निशांत ने कहा, “मैं अपने पिता के दिखाए विकास के मार्ग पर चलते हुए पूरी ईमानदारी से जनता की सेवा करूँगा।”नया समीकरण: सम्राट चौधरी की इस नई कैबिनेट में तीन पूर्व मुख्यमंत्रियों के बेटे शामिल हैं—निशांत कुमार (नीतीश कुमार के बेटे), नीतीश मिश्रा (जगन्नाथ मिश्रा के बेटे) और संतोष कुमार सुमन (जीतन राम मांझी के बेटे)।विशेषज्ञों का मानना है कि नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के बाद, निशांत का कैबिनेट में आना जेडीयू और भाजपा के बीच बेहतर तालमेल बनाए रखने की एक रणनीतिक चाल है।
