सीहोर। जिला मुख्यालय के समीपस्थ कुबेरेश्वरधाम में आयोजित होने वाली विशाल कांवड़ यात्रा की रूपरेखा तैयार कर ली गई है, जिसमें पूरे सावन के दौरान शिवभक्तों के लिए व्यापक व्यवस्थाएं की जा रही हैं। आगामी दिनों में इस संबंध में अंतर्राष्ट्रीय कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा के मार्गदर्शन में प्रशासन, विठलेश सेवा समिति, स्थानीय जनप्रतिनिधियों के अलावा क्षेत्रवासियों की बैठक का आयोजन किया जाना है। कांवड़ यात्रा आगामी 30 जुलाई से शहर के सीवन नदी के तट से आरंभ हो जाएगी और पूरे सावन मास में निरंतर हजारों की संख्या में श्रद्धालु पैदल 11 किलोमीटर का सफर तय कर धाम पर पहुंचकर विशेष पूजा अर्चना करेंगे।
धाम करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का मुख्य केन्द्र होने के कारण नियमित रुप से हजारों की संख्या में श्रद्धालु धाम पर आते है। इनके निशुल्क भोजन-प्रसादी, पेयजल और शौचालय आदि की व्यवस्था विठलेश सेवा समिति के द्वारा की जा रही है। मंदिर परिसर में शुक्रवार को भी करीब 30 हजार से अधिक श्रद्धालु पहुंचे थे। जिनके भोजन प्रसादी की व्यवस्था पंडित विनय मिश्रा, पंडित समीर शुक्ला सहित अन्य ने की। वहीं शनिवार को प्रदोष के पावन अवसर पर यहां पर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए 11 क्विंटल से अधिक मावे के लड्डूओं का भोग लगाकर भोजन-प्रसादी का वितरण किया जाएगा।
लगातार एक माह तक जारी रहेगी कांवड़ यात्रा
विठलेश सेवा समिति के मीडिया प्रभारी मनोज दीक्षित मामा ने बताया कि कुबेरेश्वरधाम में कांवड़ यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। तैयारियों के बीच पूरे क्षेत्र में धार्मिक माहौल बनना शुरू हो गया है और शिवभक्त यात्रा के शुभारंभ का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। हर-हर महादेव के जयघोष के साथ इस वर्ष भी कांवड़ यात्रा आस्था का भव्य संगम बनने जा रही है। श्रावण मास के पावन अवसर पर एक महीने का कांवड मेला आयोजित किया जाएगा। इसमें तीन अगस्त प्रथम सोमवार को समिति, 10 अगस्त को मध्यप्रदेश इंफ्लुएंसर द्वारा कांवड यात्रा, 17 अगस्त को कथा वाचक पंडित राघव मिश्रा के सानिध्य में और 25 अगस्त को भव्य कांवड यात्रा का आयोजन किया जाएगा। कांवड़ यात्रियों के लिए मार्ग में पेयजल, विश्राम, चिकित्सा सहायता, सुरक्षा एवं प्रसादी वितरण की विशेष व्यवस्था की जा रही है। साथ ही कुबेरेश्वरधाम परिसर को आकर्षक सजावट एवं विद्युत रोशनी से सजाया जाएगा। श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पार्किंग, यातायात एवं आवागमन की व्यवस्थाओं पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
