लखनऊ 26 मई 2026 को यूपी में ग्राम प्रधानों का 5 साल का कार्यकाल खत्म हो गया था। इसके बाद योगी सरकार ने 25 मई को आदेश जारी कर मौजूदा प्रधानों को ही 6 महीने के लिए प्रशासक नियुक्त कर दिया था। याचिकाकर्ता अरविंद राठौर/ओम प्रकाश प्रजापति ने इसे हाईकोर्ट में चुनौती दी। दलील थी कि UP पंचायत राज अधिनियम की धारा-12 के तहत प्रधान का कार्यकाल शपथ से सिर्फ 5 साल का हो सकता है। प्रधानों को प्रशासक बनाना कार्यकाल को अनिश्चितकाल तक बढ़ाने जैसा है।जस्टिस शेखर बी. सराफ और जस्टिस ए के चौधरी की अवकाशकालीन बेंच ने सुनवाई की। कोर्ट ने सरकार के फैसले पर सवाल उठाए और इसे कानून की मंशा के विपरीत बताया।
