कोरबा, 3 अगस्त। जिले में बिना डॉक्टर की पर्ची के नशीली और प्रतिबंधित दवाइयों की बिक्री पर रोक लगाने के लिए खाद्य एवं औषधि विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम लगातार कार्रवाई कर रही है। इसी अभियान के तहत 30 जुलाई को पुराना बस स्टैंड क्षेत्र की कई मेडिकल दुकानों का औचक निरीक्षण किया गया।
जांच के दौरान जायसवाल मेडिकल स्टोर्स, वर्षा मेडिको, बोहरा मेडिकल स्टोर्स, धनवंतरी जेनरिक मेडिकल और दीपक मेडिकल स्टोर्स में दवाइयों के स्टॉक और खरीद-बिक्री के रिकॉर्ड का मिलान किया गया। अधिकारियों ने मेडिकल संचालकों को एक्सपायरी दवाइयों और पशुओं के उपयोग की दवाइयों को अलग बॉक्स में रखकर लेबल लगाने तथा केवल अधिकृत थोक विक्रेताओं से ही बिल सहित दवाइयां खरीदने के निर्देश दिए।
इसके अलावा उच्च श्रेणी की एंटीबायोटिक दवाइयों की बिक्री का अलग रजिस्टर संधारित करने और उसमें मरीज व डॉक्टर का पूरा विवरण दर्ज करने के निर्देश भी दिए गए। निरीक्षण के दौरान जिन दुकानों में अनियमितताएं मिली हैं, उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी करने की तैयारी की जा रही है।
विभाग ने बताया कि पहले किए गए निरीक्षण में आद्या मेडिकल (पोड़ीबहार), गायत्री मेडिकल एजेंसी (बाल्को), रेडक्रॉस मेडिकल स्टोर्स (पुराना बस स्टैंड) और लाइफ केयर मेडिकल स्टोर्स (गेवरा बस्ती) को अनियमितता मिलने पर नोटिस जारी किया जा चुका है।
वहीं, जवाब संतोषजनक नहीं मिलने पर श्रेया मेडिकल स्टोर्स (कनकी), सागर मेडिकल स्टोर्स (कोहड़िया) और श्रीराम मेडिकल स्टोर्स (फतेहगंज) के दवा लाइसेंस निलंबित कर दिए गए हैं। निलंबन अवधि के दौरान इन दुकानों से दवाइयों की खरीद-बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी।
निरीक्षण के दौरान कोरबा शहर, करतला और कटघोरा क्षेत्र से एंटीबायोटिक दवाओं के 6 नमूने भी लिए गए हैं, जिन्हें जांच के लिए राज्य औषधि परीक्षण प्रयोगशाला रायपुर भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
खाद्य एवं औषधि विभाग ने स्पष्ट किया है कि बिना डॉक्टर की पर्ची के नशीली दवाइयों की बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित है। ऐसे मामलों पर रोक लगाने के लिए जिले के सभी ब्लॉकों में आगे भी पुलिस और औषधि विभाग की संयुक्त टीम द्वारा चरणबद्ध तरीके से औचक जांच अभियान जारी रहेगा।

