जंतर-मंतर सहित यूपी-बिहार में छात्रों ने मनाया जमकर जश्न
नई दिल्ली (एजेंसी):
नीट (NEET) परीक्षा विवाद और लगातार बढ़ते राजनीतिक दबाव के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। लंबे समय से विपक्ष और प्रदर्शनकारी संगठन उनकी जिम्मेदारी तय करने की मांग कर रहे थे।
शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर खुद धर्मेंद्र प्रधान ने अपने इस्तीफे की बात कही। उन्होंने बताया कि उन्होंने अपना त्यागपत्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेज दिया है।
उन्होंने पोस्ट कर कहा:
“पिछले 10 दिनों का घटनाक्रम देखकर मेरा मन दुखी है। यह मेरे लिए व्यक्तिगत प्रतिष्ठा का विषय नहीं है। भारत की युवा शक्ति ही इस देश की असली ताकत है। देश की युवा शक्ति को भ्रम के कुचक्र में फंसने नहीं देंगे, यही मेरा संकल्प है।”
धर्मेंद्र प्रधान ने युवाओं के नाम लिखा पत्र
धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पत्र में कहा कि वह पिछले चार दशकों से अधिक समय से छात्र, शिक्षक और शिक्षा सुधार के क्षेत्र से जुड़े रहे हैं। उन्होंने लिखा कि एक सशक्त, समावेशी और दूरदर्शी शिक्षा व्यवस्था ही मजबूत राष्ट्र की आधारशिला है।
उन्होंने नीट-यूजी (NEET-UG) परीक्षा में सामने आई अनियमितताओं का जिक्र करते हुए कहा कि भारत सरकार ने मामले को तुरंत संज्ञान में लिया और जांच सीबीआई (CBI) को सौंपी गई। साथ ही परीक्षा रद्द कर दोबारा परीक्षा आयोजित करने का निर्णय लिया गया।
उन्होंने बताया कि अगले वर्ष से नीट-यूजी परीक्षा को कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) मोड में कराने का फैसला लिया गया है। प्रधान ने कहा कि इस दौरान सरकार की प्राथमिकता 20 लाख से अधिक छात्रों की परीक्षा सुचारू रूप से कराना थी।

