कोरबा, 13 जुलाई। मानसून के दौरान कोरबा जिले के देवपहरी, परसखोला, केंदई, फुटहामुड़ा, सतरेंगा, नकिया सहित अन्य जलप्रपात और पर्यटन स्थल प्राकृतिक सौंदर्य से लोगों को आकर्षित कर रहे हैं। पहाड़ों से उतरते झरने, हरियाली और बारिश का मनमोहक दृश्य पर्यटकों को अपनी ओर खींचता है, लेकिन यही स्थान बरसात में बेहद खतरनाक भी हो जाते हैं। तेज बारिश के कारण जलस्तर अचानक बढ़ जाता है और शांत दिखने वाली जलधारा कुछ ही मिनटों में उफान पर आ सकती है। पानी के भीतर छिपी गहरी खाइयाँ, फिसलन भरी चट्टानें और तेज बहाव किसी भी छोटी लापरवाही को बड़े हादसे में बदल सकते हैं।

जिले में पिछले वर्षों के दौरान कई छात्र, युवा और पर्यटक झरनों एवं नदी-नालों में डूबने या तेज बहाव में बहने जैसी घटनाओं का शिकार हो चुके हैं। प्रशासन ने विभिन्न पर्यटन स्थलों पर चेतावनी बोर्ड लगाए हैं तथा पुलिस, नगर सेना और एसडीआरएफ लगातार लोगों से सावधानी बरतने की अपील कर रहे हैं। इसके बावजूद कई लोग सेल्फी लेने, वीडियो बनाने या झरनों के बेहद करीब जाकर जोखिम उठाते हैं, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है। बारिश के मौसम में चट्टानों पर जमी काई और पानी के भीतर छिपे गड्ढे खतरे को और गंभीर बना देते हैं।
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि खराब मौसम में पिकनिक का कार्यक्रम टालें, नदी-झरनों में उतरने से बचें, चेतावनी बोर्डों और प्रशासनिक निर्देशों का पालन करें तथा बच्चों पर विशेष नजर रखें। नशे की हालत में पर्यटन स्थलों पर न जाएँ, फिसलन वाली चट्टानों पर चढ़ने या सेल्फी लेने से बचें और किसी भी आपात स्थिति में स्वयं बचाव का प्रयास करने के बजाय तत्काल पुलिस, डायल-112 या स्थानीय प्रशासन को सूचना दें। प्रशासन ने लोगों से पर्यटन स्थलों की स्वच्छता बनाए रखने और सुरक्षित रहकर प्रकृति का आनंद लेने की अपील की है।

