राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से बदली भागवती दीदी की तकदीर
स्व-सहायता समूह से जुड़कर बनीं आत्मनिर्भर, सीएससी सेंटर से कमा रहीं सम्मान और नियमित आय
नर्मदापुरम/11,जून,2026/राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में लगातार सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। इसी क्रम में जनपद पंचायत नर्मदापुरम अंतर्गत ग्राम पंचायत रायपुर निवासी श्रीमती भागवती अहिरवार आज क्षेत्र की महिलाओं के लिए प्रेरणास्रोत बन गई हैं। स्व-सहायता समूह से जुड़कर उन्होंने न केवल अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत किया, बल्कि समाज में एक सशक्त एवं आत्मनिर्भर महिला के रूप में अपनी नई पहचान भी स्थापित की है।
श्रीमती भागवती अहिरवार ‘नव तुलसी आजीविका स्व-सहायता समूह’ की सक्रिय सदस्य हैं। समूह से जुड़ने से पहले उनके परिवार की आर्थिक स्थिति अत्यंत कमजोर थी और परिवार का भरण-पोषण करना कठिन हो रहा था। वर्ष 2019 में उन्होंने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत समूह की सदस्यता ग्रहण की, जिसके बाद उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव की शुरुआत हुई।
समूह से जुड़ने के बाद भागवती दीदी ने आत्मनिर्भर बनने की दिशा में कदम बढ़ाए। उन्होंने जनपद पंचायत नर्मदापुरम में कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) की ट्रेनिंग प्राप्त की। प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद उन्होंने अपना स्वयं का सीएससी सेंटर प्रारंभ किया, जहां वे ग्रामीणों को विभिन्न डिजिटल एवं शासकीय सेवाएं उपलब्ध करा रही हैं।
वर्तमान में भागवती दीदी अपने सीएससी सेंटर के माध्यम से प्रतिमाह लगभग 5 हजार से 7 हजार रुपये तक की नियमित आय अर्जित कर रही हैं। इस आय से उनके परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है तथा वे सम्मानपूर्वक एवं आत्मनिर्भर जीवन व्यतीत कर रही हैं।
भागवती अहिरवार की सफलता में जनपद पंचायत नर्मदापुरम की एनआरएलएम टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। टीम द्वारा उन्हें समय-समय पर प्रशिक्षण, मार्गदर्शन एवं आवश्यक सहयोग प्रदान किया गया। वरिष्ठ कार्यालय से मिले सतत मार्गदर्शन और प्रोत्साहन ने भी उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।
भागवती दीदी की यह सफलता ग्रामीण क्षेत्र की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणादायक उदाहरण बनकर सामने आई है, जो यह दर्शाती है कि यदि महिलाओं को सही दिशा, प्रशिक्षण और अवसर मिले तो वे आत्मनिर्भर बनकर अपने परिवार और समाज के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकती हैं।
युवा संगम रोजगार एवं स्वरोजगार मेले में 292 युवा लाभान्वित
24 कंपनियों एवं शासकीय विभागों ने लगाए स्टॉल, 243 युवाओं का प्राथमिक चयन
नर्मदापुरम/11,जून,2026/ कलेक्टर श्री सोमेश मिश्रा के निर्देशानुसार शासकीय गृहविज्ञान स्नातकोत्तर अग्रणी महाविद्यालय नर्मदापुरम में जिला प्रशासन एवं जिला रोजगार कार्यालय द्वारा “युवा संगम रोजगार एवं स्वरोजगार मेले” का आयोजन किया गया। मेले में जिले के शिक्षित बेरोजगार युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर प्रदान किए गए।
रोजगार मेले में पुणे (महाराष्ट्र) से 8 कंपनियों सहित मोहासा औद्योगिक क्षेत्र नर्मदापुरम, इंदौर, भोपाल, बुधनी, अब्दुल्लागंज एवं मंडीदीप की कुल 24 कंपनियों ने सहभागिता की। मेले में विभिन्न कंपनियों एवं शासकीय विभागों द्वारा स्टॉल लगाए गए, जहां युवाओं को रोजगार, स्वरोजगार, इंटर्नशिप एवं विभिन्न योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराई गई।
कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद श्रीमती माया नारोलिया, नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती नीतू यादव, अपर कलेक्टर श्री ब्रजेंद्र रावत, जिला रोजगार अधिकारी श्री श्याम धुर्वे, शासकीय उत्कृष्ट महाविद्यालय नर्मदापुरम के प्राचार्य डॉ. रामकुमार चौकसे एवं आईटीआई प्राचार्य श्री मरकाम की गरिमामयी उपस्थिति रही।
मुख्य अतिथि राज्यसभा सांसद श्रीमती माया नारोलिया ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश शासन के तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार विभाग द्वारा आयोजित युवा संगम का उद्देश्य युवाओं को रोजगार, स्वरोजगार एवं इंटर्नशिप के अवसर उपलब्ध कराना है। साथ ही विभिन्न सरकारी योजनाओं, बैंक ऋण, स्टार्टअप एवं उद्यमिता के संबंध में मार्गदर्शन प्रदान करना भी इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य है।
अपर कलेक्टर श्री ब्रजेंद्र रावत ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि विभिन्न कंपनियों द्वारा युवाओं के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे अधिक से अधिक युवा इस मेले का लाभ प्राप्त कर सकें।
महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. श्रीमती कामिनी जैन ने बताया कि जिला प्रशासन एवं जिला रोजगार कार्यालय के सहयोग से आयोजित इस मेले में विद्यार्थियों को सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्र में उपलब्ध कैरियर अवसरों की जानकारी प्रदान की गई। साथ ही विभिन्न कंपनियों एवं उद्योगों के माध्यम से विद्यार्थियों के प्लेसमेंट की व्यवस्था की गई। विद्यार्थियों को प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना के अंतर्गत संचालित इंटर्नशिप कार्यक्रमों की भी जानकारी दी गई।
प्लेसमेंट ऑफिसर श्री धर्मेश तिवारी ने बताया कि जिन युवाओं का चयन कंपनियों द्वारा किया जाएगा, उन्हें व्यक्तिगत रूप से कॉल कर सूचना दी जाएगी। उन्होंने कहा कि विभिन्न कंपनियों को एक मंच पर आमंत्रित कर मेले को सफल बनाने में सभी विभागों का महत्वपूर्ण सहयोग रहा।
स्वामी विवेकानंद कैरियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ की जिला नोडल अधिकारी डॉ. संगीता अहिरवार ने बताया कि जिले के विभिन्न महाविद्यालयों के युवा इस रोजगार मेले में शामिल हुए, जहां उन्हें सीधे रोजगार एवं स्वयं का व्यवसाय प्रारंभ करने हेतु मार्गदर्शन प्राप्त हुआ।
महाविद्यालय की ट्रेनिंग एवं प्लेसमेंट अधिकारी डॉ. रागिनी सिकरवार ने जानकारी दी कि मेले में लगभग 300 से अधिक पंजीयन किए गए। छात्राओं को प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना के अंतर्गत संचालित कंपनियों एवं पोर्टल पंजीयन प्रक्रिया की जानकारी भी दी गई।
रोजगार मेले में ऑफलाइन 207 एवं ऑनलाइन 535 सहित कुल 742 छात्र-छात्राओं ने पंजीयन कराया। मेले में शामिल 24 कंपनियों द्वारा 243 छात्र-छात्राओं का प्राथमिक स्तर पर चयन किया गया। वहीं स्वरोजगार योजनाओं के अंतर्गत 49 हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया। इस प्रकार कुल 292 युवा रोजगार एवं स्वरोजगार योजनाओं से लाभान्वित हुए। साथ ही स्वरोजगार योजना के तहत 6 हितग्राहियों को मौके पर ही योजनाओं का लाभ एवं लगभग 36 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई।
कार्यक्रम में वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. भारती दुबे, डॉ. हर्षा चचाने, डॉ. कंचन ठाकुर सहित समस्त महाविद्यालयीन स्टॉफ उपस्थित रहा। कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. प्रगति जोशी ने किया एवं आभार प्रदर्शन डॉ. रागिनी सिकरवार द्वारा किया गया। कार्यक्रम में जिले के विभिन्न महाविद्यालयों के बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने सहभागिता की।
