भोपाल 21मई पैक्स में डिजिटल क्रांति मोबाइल ऐप से होंगे ट्रांजेक्शन
सहकारिता क्षेत्र को पूरी तरह आधुनिक बनाने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। प्रदेश की सभी 4,536 प्राथमिक कृषि साख समितियां (पैक्स) अब पूरी तरह कंप्यूटरीकृत हो चुकी हैं। पारदर्शिता और सुविधा को बढ़ाने के लिए अब इन समितियों में मोबाइल ऐप के माध्यम से ट्रांजेक्शन प्रारंभ करने के निर्देश दिए गए हैं।
कमजोर जिला सहकारी बैंकों की सुधरेगी सेहत
बीते ढाई वर्षों में सरकार के प्रयासों से 18 कमजोर जिला सहकारी बैंकों में से 6 बैंकों की आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
प्रथम चरण (सुदृढ़ीकरण जारी): शासकीय अंश पूंजी सहायता से रीवा, सतना, जबलपुर, शिवपुरी, ग्वालियर और दतिया जिला बैंकों को मजबूत किया जा रहा है।
अगला चरण: इसके बाद अगले चरण में 6 अन्य जिलों— भिण्ड, मुरैना, रायसेन, सागर, सीधी और नर्मदापुरम के जिला सहकारी बैंकों का सुदृढ़ीकरण किया जाएगा।
30 जून तक चलेगा विशेष सदस्यता अभियान, जुड़ेंगे 10 लाख नए सदस्य
सहकारिता का दायरा बढ़ाने के लिए 30 जून तक विशेष सदस्यता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं।
इस अभियान के तहत 10 लाख नए सदस्य जोड़ने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा गया है।
साथ ही, किसानों को आर्थिक संबल देने के लिए प्रति वर्ष 1.25 लाख नए किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) स्वीकृत किए जाएंगे।
बीते 2 वर्षों की प्रमुख उपलब्धियां
बैठक में सहकारिता विभाग द्वारा पिछले दो वर्षों में किए गए कार्यों की सराहना की गई:
बीज उत्पादन: सहकारी संस्थाओं के माध्यम से 14 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज का रिकॉर्ड उत्पादन और विपणन किया गया।
दुग्ध सहकारिता: ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देते हुए 1,102 नई दुग्ध समितियों का गठन किया गया और इनसे जुड़े 76 हजार सदस्यों के बैंक खाते खोले गए।
निष्कर्ष: सहकारी समितियों के साथ मिलकर प्रदेश अब उन्नत बीज उत्पादन, ऑर्गेनिक खेती (जैविक खेती) और कृषि निर्यात के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि इन सभी योजनाओं का लाभ अंतिम छोर के किसान तक समय पर पहुँचना सुनिश्चित करें।
