नई दिल्ली: भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश, पंजाब और गुजरात के लिए नए राज्य प्रभारी और सह-प्रभारी नियुक्त किए। बिहार चुनाव में पार्टी की जीत के दौरान अहम जिम्मेदारी संभाल चुके विनोद तावड़े को उत्तर प्रदेश का प्रभारी बनाया गया है। गुजरात के जगदीश ईश्वरभाई पटेल को यूपी का सह-प्रभारी नियुक्त किया गया है। वहीं, राजस्थान भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद सतीश पूनिया को पंजाब का प्रभारी बनाया गया है। गुजरात की जिम्मेदारी भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री तरुण चुग को सौंपी गई है।
तीनों राज्यों में 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में इन नियुक्तियों को भाजपा की चुनावी तैयारियों और संगठन को मजबूत करने की कवायद के तौर पर देखा जा रहा है। नितिन नवीन ने एक दिन पहले ही 65 सदस्यीय नई राष्ट्रीय टीम का ऐलान किया था।
बिहार के बाद अब यूपी की जिम्मेदारी विनोद तावड़े के पास
विनोद तावड़े भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री हैं और पहले हरियाणा व बिहार के प्रभारी रह चुके हैं। सितंबर 2022 में उन्हें बिहार की जिम्मेदारी दी गई थी। 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में भाजपा की जीत के दौरान भी वे राज्य के प्रभारी थे। महाराष्ट्र में तावड़े लंबे समय तक पार्टी संगठन में सक्रिय रहे हैं। वे राज्य सरकार में मंत्री और विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष भी रह चुके हैं।
जगदीश पटेल बने यूपी के सह-प्रभारी
गुजरात के भाजपा नेता जगदीश ईश्वरभाई पटेल को उत्तर प्रदेश का सह-प्रभारी नियुक्त किया गया है। वे 2019 में अमराईवाड़ी विधानसभा सीट से विधायक चुने गए थे और अहमदाबाद शहर भाजपा के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। अगस्त 2026 में उन्हें भाजपा का राष्ट्रीय सचिव बनाया गया था। अब उन्हें यूपी संगठन में नई जिम्मेदारी दी गई है।
पंजाब की कमान सतीश पूनिया को
राजस्थान भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सतीश पूनिया को पंजाब का प्रभारी बनाया गया है। वे पहले हरियाणा के प्रभारी रह चुके हैं और लोकसभा चुनाव के दौरान हरियाणा के चुनाव प्रभारी की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। हरियाणा विधानसभा चुनाव में भाजपा की लगातार तीसरी जीत के दौरान भी वे संगठनात्मक जिम्मेदारी में अहम भूमिका में रहे। जून 2026 में वे राज्यसभा सांसद चुने गए थे।
गुजरात की जिम्मेदारी तरुण चुग को
भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री और राज्यसभा सांसद तरुण चुग को गुजरात का प्रभारी बनाया गया है। वे पहले तेलंगाना, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के प्रभारी रह चुके हैं। तरुण चुग लंबे समय से पार्टी संगठन में सक्रिय हैं और पंजाब के अमृतसर से आते हैं।
2027 चुनाव से पहले तीनों राज्यों पर BJP का फोकस
उत्तर प्रदेश: सत्ता बचाने की चुनौती
403 विधानसभा सीटों वाले उत्तर प्रदेश में 2027 में चुनाव होने हैं। फिलहाल राज्य में भाजपा की सरकार है और योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री हैं। 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को राज्य में नुकसान हुआ था। समाजवादी पार्टी 37 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनी थी, जबकि भाजपा को 33 सीटें मिली थीं। ऐसे में विधानसभा चुनाव में भाजपा के सामने सत्ता बरकरार रखने के साथ संगठन को मजबूत करने की चुनौती होगी।
पंजाब: 117 सीटों पर संगठन विस्तार की कवायद
पंजाब में 117 विधानसभा सीटें हैं और यहां 2027 में चुनाव होने हैं। फिलहाल राज्य में आम आदमी पार्टी की सरकार है और भगवंत मान मुख्यमंत्री हैं। 2022 के विधानसभा चुनाव में AAP ने 92 सीटें जीतकर बहुमत हासिल किया था। भाजपा आगामी चुनाव में सभी 117 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है। ऐसे में सतीश पूनिया के सामने पार्टी का संगठन विस्तार और चुनावी आधार मजबूत करने की चुनौती होगी।
गुजरात: रिकॉर्ड प्रदर्शन दोहराने की चुनौती
182 विधानसभा सीटों वाले गुजरात में भी 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं। राज्य में भाजपा की सरकार है और भूपेंद्र पटेल मुख्यमंत्री हैं। 2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 156 सीटें जीतकर रिकॉर्ड बहुमत हासिल किया था। 2027 में पार्टी के सामने इस प्रदर्शन को दोहराने की चुनौती होगी।

