भोपाल। भोपाल के लगभग 100 वर्ष पुराने एवं श्रद्धालुओं की गहरी आस्था के केंद्र कमाली माता मंदिर की भूमि पर प्रस्तावित शॉपिंग कॉम्प्लेक्स निर्माण के विरोध में भोपाल सांसद श्री आलोक शर्मा ने कड़ा रुख अपनाया है। इस विषय को लेकर सांसद श्री शर्मा ने विभिन्न धर्मगुरुओं, संत-महात्माओं एवं सर्वसमाज के प्रतिनिधियों के साथ कलेक्टर कार्यालय में बैठक कर प्रशासन के समक्ष जनभावनाओं से अवगत कराया।
बैठक में सांसद श्री आलोक शर्मा ने स्पष्ट कहा कि कमाली माता मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि भोपाल की सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक विरासत का प्रतीक है। मंदिर की भूमि का किसी भी प्रकार से व्यावसायिक उपयोग स्वीकार्य नहीं है। करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं होने दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि मंदिर की पवित्रता एवं मूल स्वरूप को बनाए रखना प्रशासन की जिम्मेदारी है। यदि मंदिर की भूमि पर शॉपिंग कॉम्प्लेक्स अथवा अन्य किसी व्यावसायिक निर्माण का प्रयास किया जाता है, तो यह समाज की धार्मिक भावनाओं के प्रतिकूल होगा।
सांसद श्री आलोक शर्मा ने प्रशासन से मांग की कि मंदिर की भूमि पर प्रस्तावित किसी भी व्यावसायिक निर्माण की प्रक्रिया को तत्काल रोका जाए तथा कमाली माता मंदिर के धार्मिक स्वरूप और पवित्रता को यथावत सुरक्षित रखा जाए।
बैठक में उपस्थित धर्मगुरुओं एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी एक स्वर में कहा कि कमाली माता मंदिर जन-जन की आस्था का केंद्र है और इसकी भूमि का व्यावसायिक उपयोग किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। सभी ने प्रशासन से जनभावनाओं का सम्मान करते हुए मंदिर की सुरक्षा एवं संरक्षण सुनिश्चित करने की मांग की।
सांसद श्री आलोक शर्मा ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रशासन जनभावनाओं का सम्मान करते हुए उचित एवं न्यायसंगत निर्णय लेगा तथा कमाली माता मंदिर की गरिमा और धार्मिक महत्व को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाएगा।

