भोपाल संभाग आयुक्त ने की विभिन्न विभागों की योजनाओं की समीक्षा
पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचाने के दिए निर्देश
सीहोर, 24 जुलाई, 2026
भोपाल संभाग आयुक्त श्री कर्मवीर शर्मा ने सीहोर जिला पंचायत सभाकक्ष में विभिन्न विभागों के अधिकारियों की समीक्षा बैठक लेकर शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, नवाचारों को बढ़ावा देने तथा आमजन को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन की प्रत्येक योजना का लाभ समय पर प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुंचे, यह सभी अधिकारियों की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। किसी भी स्थिति में अपात्र व्यक्ति को योजनाओं का लाभ नहीं मिलना चाहिए तथा पात्र हितग्राही किसी कारण से वंचित न रहें। बैठक में कलेक्टर श्री बालागुरू के. और जिला पंचायत सीईओ श्रीमती सर्जना यादव ने जिले में संचालित योजनाओं के क्रियान्वयन के बारे में संभागायुक्त को जानकारी दी।

संभाग आयुक्त ने निर्देश दिए कि जिलाधिकारी अपने-अपने विभागों की नियमित समीक्षा करें तथा कार्यों की प्राथमिकता स्वयं निर्धारित करते हुए समयबद्ध ढंग से लक्ष्यों की पूर्ति सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि उत्कृष्ट कार्य संस्कृति विकसित करना समय की आवश्यकता है। प्रत्येक अधिकारी अपने विभाग में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए स्पष्ट कार्ययोजना बनाएं और उसके अनुरूप नियमित मॉनिटरिंग करें। उन्होंने कहा कि आमजन की समस्याओं का त्वरित निराकरण प्रशासन की सर्वोच्च जिम्मेदारी है। अधिकारी जनसुनवाई, क्षेत्रीय भ्रमण तथा अन्य माध्यमों से प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करें, ताकि लोगों का प्रशासन पर विश्वास और अधिक मजबूत हो सके।
बैठक में संभाग आयुक्त ने जिले में संचालित योजनाओं एवं नवाचारों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने और शासन की योजनाओं का अधिकतम लाभ दिलाने के लिए अधिकारियों को हमेशा नए विचारों के साथ कार्य करना चाहिए। प्रदेश के जिन जिलों में किसी क्षेत्र में उल्लेखनीय एवं प्रभावी कार्य हुए हैं, उनका अध्ययन कर उन नवाचारों को अपने जिले में भी लागू करने का प्रयास किया जाए।
उन्होंने उद्यानिकी क्षेत्र के विस्तार पर विशेष बल देते हुए कहा कि जिले में उद्यानिकी फसलों का रकबा बढ़ाने के लिए प्रभावी प्रयास किए जाएं। किसानों को फल एवं फूलों की खेती अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाए, जिससे उनकी आय में वृद्धि हो सके और कृषि का विविधीकरण भी बढ़े। उन्होंने कहा कि उद्यानिकी गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए विभागीय योजनाओं का समुचित लाभ किसानों तक पहुंचाया जाए।
शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान संभाग आयुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित नहीं रहना चाहिए। विद्यालयों में शत-प्रतिशत बच्चों का प्रवेश सुनिश्चित किया जाए तथा ड्रॉपआउट बच्चों की पहचान कर उन्हें पुनः शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ प्रत्येक बच्चे तक शिक्षा की पहुंच सुनिश्चित करना प्रशासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
संभाग आयुक्त ने प्रौढ़ शिक्षा के क्षेत्र में भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नवभारत उल्लास मिशन के अंतर्गत अधिक से अधिक लोगों का पंजीयन कराया जाए तथा अशिक्षित वयस्कों को साक्षर बनाने के लिए व्यापक अभियान चलाया जाए। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल बच्चों तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक को साक्षर बनाने का लक्ष्य प्राप्त करना भी प्रशासन की जिम्मेदारी है।
महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा करते हुए उन्होंने पोषण अभियान को और अधिक प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कुपोषण को समाप्त करने के लिए विभाग नवाचारों के साथ कार्य करे तथा आंगनवाड़ी सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाया जाए। स्थानीय स्तर पर जनभागीदारी बढ़ाकर पोषण संबंधी गतिविधियों को व्यापक बनाया जाए।
रोजगार संबंधी योजनाओं की समीक्षा करते हुए उन्होंने निर्देश दिए कि रोजगार मेलों में चयनित युवाओं का नियमित फॉलोअप किया जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि चयनित युवा संबंधित संस्थानों में कार्यरत हैं अथवा यदि उन्होंने नौकरी छोड़ दी है तो उसके कारणों का अध्ययन कर आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाए। इससे रोजगार योजनाओं की वास्तविक सफलता का आकलन किया जा सकेगा और युवाओं को स्थायी रोजगार उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
संभाग आयुक्त ने जिले में संचालित नवाचारों एवं उल्लेखनीय कार्यों की सराहना करते हुए अधिकारियों को नवाचार आधारित कार्य संस्कृति अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि बेहतर समन्वय, नियमित समीक्षा, समयबद्ध क्रियान्वयन और जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देकर ही शासन की योजनाओं का वास्तविक लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाया जा सकता है। अधिकारियों को संवेदनशीलता, पारदर्शिता एवं जवाबदेही के साथ कार्य करते हुए सुशासन के उद्देश्य को साकार करना चाहिए। बैठक में अपर कलेक्टर श्री बृजेश सक्सेना, संयुक्त कलेक्टर श्री रविंद्र परमार, सभी एसडीएम, डिप्टी कलेक्टर, तहसीलदार, नायब तहसीलदार और सभी विभागों के जिला अधिकारी उपस्थित थे।

