पुलिस प्रशासन के साथ कंधे से कंधा मिलाकर नशा मुक्ति के लिए समर्पित है संकल्प
नशा केवल व्यक्ति ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करता-संचालक राहुल सिंह
सीहोर। नशा केवल व्यक्ति ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करता है, इसलिए इसकी रोकथाम में जनसहभागिता जरूरी है। प्रदेश में नशे के बढ़ते दुष्प्रभावों के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से गत दिनों नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0 अभियान शुरू किया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अभियान का प्रदेशव्यापी शुभारंभ किया था, इसको लेकर बुधवार को संकल्प केन्द्र के पूर्ण सहयोग, राजगढ़ और भोपाल से 20 नशा पीड़ितों को भर्ती किया गया है। उक्त विचार शहर के सैकड़ाखेड़ी स्थित संकल्प नशा मुक्ति केन्द्र के संचालक राहुल सिंह ने कहे।अभियान के तहत पुलिस शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर रही है। विद्यालयों, महाविद्यालयों, ग्राम सभाओं, सार्वजनिक स्थलों और सोशल मीडिया के माध्यम से युवाओं एवं आमजन को नशे के दुष्प्रभावों की जानकारी दी जाएगी। साथ ही लोगों को नशे से दूर रहने और दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करने के लिए प्रेरित किया जाएगा।इस जनहितकारी अभियान में संकल्प नशा मुक्ति केंद्र अपनी सीहोर भोपाल एवं होशंगाबाद शाखाओं के माध्यम से जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन के साथ पूर्ण समर्पण और प्रतिबद्धता के साथ सहयोग कर रहा है। इसी क्रम में बुधवार को राजगढ़ जिले के पुलिस अधीक्षक अमित तोलानी के निर्देशन में 14 नशा पीड़ित व्यक्तियों को पुलिस वाहन में लाकर उपचार हेतु संकल्प नशा मुक्ति केंद्र, सीहोर भेजा गया। केंद्र पहुंचने पर सभी का विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण किया गया तथा आवश्यक चिकित्सकीय प्रक्रिया पूर्ण कर उन्हें नशा मुक्ति उपचार हेतु भर्ती किया गया। वहीं दूसरी ओर भोपाल एसीपी अदिति सक्सेना के मार्गदर्शन में 6 नशा पीड़ित व्यक्तियों को संकल्प नशा मुक्ति केंद्र, भोपाल में भर्ती कराया गया, जहां उनका भी चिकित्सकीय परीक्षण कर उपचार प्रारंभ कर दिया गया।संकल्प नशा मुक्ति केंद्र के संचालक राहुल सिंह ने कहा कि संस्था का उद्देश्य केवल उपचार देना ही नहीं, बल्कि प्रत्येक व्यक्ति को नशे की गिरफ्त से मुक्त कर उसे पुन: स्वस्थ, आत्मनिर्भर एवं सम्मानजनक जीवन की मुख्यधारा से जोड़ना है। संस्था भविष्य में भी मध्य प्रदेश पुलिस, जिला प्रशासन एवं समाज के साथ मिलकर नशा मुक्त मध्य प्रदेश के संकल्प को साकार करने के लिए पूरी निष्ठा और समर्पण से कार्य करती रहेगी। संकल्प नशा मुक्ति केंद्र ने प्रदेशवासियों से भी अपील की है कि यदि उनके परिवार या आसपास कोई व्यक्ति नशे की लत से जूझ रहा है, तो उसे छिपाने के बजाय उपचार के लिए आगे लाएँ, क्योंकि नशा एक बीमारी है और इसका इलाज संभव है। सभी के सहयोग से ही नशा मुक्त मध्य प्रदेश का सपना साकार किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि अभियान का उद्देश्य केवल जागरूकता फैलाना ही नहीं, बल्कि समाज की भागीदारी से नशामुक्त वातावरण तैयार करना भी है। युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराने पुलिस अधिकारियों ने लिया संकल्प जिले के सभी थाना प्रभारियों, पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने नशे से दूर रहने, युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराने तथा अभियान को सफल बनाने का संकल्प लिया।

