अयोध्या 18 जुलाई बैठक में राजकीय सम्प्रेक्षण गृह, अयोध्या में निरुद्ध किशोर अपचारियों के समग्र पुनर्वास एवं सर्वांगीण विकास से संबंधित विभिन्न विषयों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। विशेष रूप से उनकी औपचारिक शिक्षा, व्यक्तित्व विकास, बौद्धिक क्षमता के संवर्धन, व्यावसायिक एवं तकनीकी कौशल उन्नयन, स्वास्थ्य सेवाओं तथा भविष्य में आत्मनिर्भर बनाने हेतु रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण कार्यक्रमों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक के दौरान प्रधानाचार्य, राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान को निर्देशित किया गया कि निरुद्ध किशोर अपचारियों के लिए कंप्यूटर हार्डवेयर एवं सॉफ्टवेयर, बेसिक कंप्यूटर शिक्षा, इलेक्ट्रिकल, प्लंबिंग, सिलाई, मोबाइल रिपेयरिंग तथा अन्य उपयोगी एवं रोजगारपरक ट्रेडों में प्रशिक्षण प्रदान किए जाने हेतु आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करें, जिससे किशोरों में आत्मविश्वास का विकास हो तथा समाज की मुख्यधारा में पुनर्स्थापित होने के लिए उन्हें पर्याप्त अवसर प्राप्त हो सकें। साथ ही उप श्रमायुक्त, अयोध्या को निर्देशित किया गया कि विभिन्न शासकीय योजनाओं एवं कौशल विकास कार्यक्रमों के माध्यम से निरुद्ध किशोरों को अधिकतम लाभान्वित किए जाने हेतु समुचित समन्वय स्थापित किया जाए, ताकि उनके पुनर्वास की प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।
इसी क्रम में माननीय जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, अयोध्या श्री रणंजय कुमार वर्मा द्वारा प्रभारी सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, अयोध्या/अपर सिविल जज (सी०डि०)-द्वितीय/ए०सी०जे०एम० श्रीमती स्वर्णमाला सिंह की उपस्थिति में अध्यक्ष, बार एसोसिएशन, फैजाबाद को आम एवं बेल के पौधे भेंट किए गए। इस अवसर पर माननीय अध्यक्ष महोदय ने पर्यावरण संरक्षण एवं हरित वातावरण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए अपेक्षा व्यक्त की कि इन पौधों के साथ-साथ अन्य फलदार, औषधीय एवं छायादार प्रजातियों के पौधों का भी व्यापक स्तर पर रोपण एवं संरक्षण किया जाए, जिससे भारत सरकार तथा माननीय उच्च न्यायालय द्वारा संचालित विभिन्न वृक्षारोपण एवं पर्यावरण संरक्षण अभियानों को और अधिक प्रभावी एवं सफल बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण केवल पर्यावरण संरक्षण का माध्यम ही नहीं, बल्कि भावी पीढ़ियों के सुरक्षित, स्वस्थ एवं समृद्ध भविष्य के निर्माण की दिशा में प्रत्येक नागरिक का नैतिक एवं सामाजिक दायित्व भी है। इसी क्रम में प्रभारी सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अयोध्या श्री मती स्वर्णमाला सिंह द्वारा राजकीय संप्रेक्षण गृह में 6 शिक्षकों की तैनाती भी की गई हैं जो संस्था में निरुद्ध किशोरों को विभिन्न विषयों से संबंधित शिक्षा प्रदान करेंगे।

