अयोध्या (विशेष रिपोर्ट – अरविंद कुमार): श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट और विश्व हिंदू परिषद (VHP) के भीतर इस समय संगठनात्मक स्तर पर बहुत बड़े बदलाव की तैयारी चल रही है। राम मंदिर के चढ़ावे में हुई कथित चोरी और वित्तीय गड़बड़ी के विवाद के बाद से अयोध्या से लेकर दिल्ली तक हल चल तेज है।
चंपत राय के इस्तीफे और भविष्य पर फैसला
राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा ने चढ़ावा चोरी विवाद सामने आने के बाद नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पदों से इस्तीफे की पेशकश की थी। ट्रस्ट की आपातकालीन बैठक में उनके इस्तीफे को स्वीकार कर लिया गया है। वर्तमान में महासचिव पद की अंतरिम जिम्मेदारी कृष्ण मोहन को सौंपी गई है, लेकिन यह व्यवस्था अस्थायी है।
दिल्ली में तय होगा नए महासचिव का नाम
संगठन के नए स्थायी महासचिव के चयन और प्रशासनिक बदलावों को लेकर विश्व हिंदू परिषद (VHP) की केंद्रीय प्रबंध समिति की एक अत्यंत महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है।
यह बैठक 19 और 20 जुलाई को दिल्ली में आयोजित की जाएगी। (पहले यह बैठक जून के अंत में अयोध्या में होनी थी, लेकिन रणनीतिक कारणों से इसे दिल्ली स्थानांतरित कर दिया गया)।
इस बैठक को काफी गोपनीय और केंद्रित रखने के लिए प्रतिनिधियों की संख्या सीमित कर दी गई है। हर प्रांत से 4 की जगह सिर्फ 2-2 प्रतिनिधियों को ही आमंत्रित किया गया है, जिससे बैठक में करीब 150 प्रमुख पदाधिकारी ही शामिल होंगे।
इस नाम पर लग सकती है मुहर
सूत्रों के मुताबिक, ट्रस्ट के नए स्थायी महासचिव के रूप में विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय महासचिव बजरंग लाल बांगड़ा का नाम सबसे आगे चल रहा है। दिल्ली की बैठक में उनके नाम पर अंतिम मुहर लग सकती है। हालांकि, इस नाम पर अंतिम निर्णय आरएसएस (RSS), वीएचपी के शीर्ष नेतृत्व और राम मंदिर ट्रस्ट के सदस्यों के बीच समन्वय के बाद ही सार्वजनिक किया जाएगा।

