जनहानी, पशुहानी एवं आथिर्क हानी रोकने के लिए प्रभावी कदम
नर्मदापुरम/03,जुलाई,2026/ मानसून के दौरान आकाशीय बिजली से होने वाली जन एवं पशुहानि को रोकने के उद्देश्य से नर्मदापुरम जिला प्रशासन ने प्रदेश में पहली बार ‘प्रोजेक्ट दामिनी’ की शुरुआत की है। कलेक्टर श्री सोमेश मिश्रा ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट के रेवा सभा कक्ष से इस विशेष जन-जागरूकता अभियान का शुभारंभ किया। यह अभियान कई चरणों में संचालित किया जाएगा, जिसके माध्यम से जिले के प्रत्येक गांव और घर तक आकाशीय बिजली से बचाव का संदेश पहुंचाया जाएगा। कलेक्टर श्री सोमेश मिश्रा ने कहा कि नर्मदापुरम कृषि प्रधान जिला है, जहां मानसून के दौरान किसान खेतों में कार्य करते हैं। ऐसे समय में आकाशीय बिजली गिरने का खतरा अधिक रहता है। उन्होंने कहा कि जन-जागरूकता और समय रहते सावधानी ही इस प्राकृतिक आपदा से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है। इसी उद्देश्य से जिले में व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। इस अवसर पर जिला प्रशासन द्वारा अभियान के मैस्कॉट ‘इलेक्ट्रा’ को भी लॉन्च किया गया, जो अभियान के दौरान जन-जागरूकता का प्रमुख माध्यम बनेगा।
उन्होंने बताया कि अभियान के प्रथम चरण में व्यापक जागरूकता अभियान चलाकर आकाशीय बिजली से बचाव के उपायों की जानकारी दी जाएगी। साथ ही प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशिक्षण तथा जनसंचार माध्यमों से प्रचार प्रसार एवं जिला स्तरीय कार्यशालाएं आयोजित की जाएगी। इसमें स्कूली विद्यार्थियों को भी शामिल किया गया है, ताकि वे अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी जागरूक कर सकें। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन का लक्ष्य वज्रपात से होने वाली जनहानि, पशुहानि एवं आर्थिक नुकसान को न्यूनतम करना है। द्वितीय चरण में जनपद पंचायत के सभी गांव में जागरूकता कार्यक्रम तथा स्थानीय प्रशासन और पंचायत सदस्यों को प्रशिक्षण ब्लॉक लेवल प्रशिक्षण तथा स्थानीय संसाधनों का उपयोग करके कार्यक्रम का संचालन किया जाएगा। अभियान के तृतीय चरण में प्रत्येक गांव में सीधे जनता को जागरूक किया जाएगा साथ ही ग्राम स्तरीय प्रशिक्षण और कार्यशालाएं तथा आपातकालीन प्रतिक्रिया दल का गठन कर स्थानीय संसाधनों का उपयोग करके बचाव व्यवस्था को सुनिश्चित किया जाएगा।
दामिनी एप से मिलेगी वज्रपात की जानकारी
कार्यशाला में भारत सरकार के पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय द्वारा विकसित ‘दामिनी ऐप’ के उपयोग की विस्तृत जानकारी दी गई। बताया गया कि यह ऐप उपयोगकर्ता के स्थान से लगभग 20 किलोमीटर के दायरे में आकाशीय बिजली गिरने की संभावना की 30 से 40 मिनट पहले चेतावनी देता है। नागरिकों से अपने मोबाइल में ऐप डाउनलोड कर लोकेशन, जीपीएस और नोटिफिकेशन अलर्ट सक्रिय रखने की अपील की गई। विशेषज्ञों ने बताया कि यदि बिजली चमकने के 30 सेकंड के भीतर बादलों की गर्जना सुनाई दे तो तुरंत किसी पक्के भवन या सुरक्षित स्थान पर पहुंच जाना चाहिए तथा अंतिम गर्जना सुनने के बाद कम से कम 30 मिनट तक सुरक्षित स्थान पर ही रहना चाहिए।
‘प्रोजेक्ट दामिनी’ जैसी व्यापक जनजागरूकता पहल अत्यंत महत्वपूर्ण: मध्यप्रदेश यूनिसेफ प्रमुख श्री विलियम एनलैंड
मध्यप्रदेश यूनिसेफ के प्रमुख श्री विलियम एनलैंड ने आकाशीय बिजली से सुरक्षा एवं बचाव के लिए प्रारंभ किए गए ‘प्रोजेक्ट दामिनी’ के शुभारंभ अवसर पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे जनहित में एक महत्वपूर्ण पहल बताया। उन्होंने कहा कि यह अत्यंत खुशी का विषय है कि प्रदेश में सर्वप्रथम नर्मदापुरम जिले में इस प्रकार की व्यापक जनजागरूकता पहल देखने को मिल रही है। विशेष रूप से जिले में जनहानि, पशुहानि एवं आर्थिक हानि की रोकथाम को ध्यान में रखते हुए आकाशीय बिजली से सुरक्षा एवं बचाव के उपायों के संबंध में व्यापक जनजागरूकता अभियान प्रारंभ किया गया है, जो अन्य जिलों के लिए भी प्रेरणास्रोत बनेगा।
कार्यशाला में आकाशीय बिजली के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों की भी जानकारी दी गई। नागरिकों को पेड़ों के नीचे खड़े न होने, खुले खेतों, नदी-तालाबों एवं जल स्रोतों से दूर रहने, धातु की वस्तुओं से दूरी बनाए रखने तथा गरज-चमक के दौरान समूह में एकत्रित न होने की सलाह दी गई। साथ ही वज्रपात से जुड़ी विभिन्न भ्रांतियों का वैज्ञानिक तथ्यों के आधार पर निराकरण भी किया गया।
कार्यशाला में मध्यप्रदेश यूनिसेफ के प्रमुख श्री विलियम एनलैंड, यूनिसेफ मध्यप्रदेश से श्री अनिल गुलाटी तथा डिजास्टर मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट भोपाल के टेक्निकल एक्सपर्ट श्री अभिषेक मिश्रा ने आकाशीय बिजली से बचाव एवं आपदा प्रबंधन के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। कार्यक्रम में नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती नीतू महेंद्र यादव, पुलिस अधीक्षक श्री साइ कृष्ण एस. थोटा, जिला पंचायत सीईओ श्री हिमांशु जैन, अपर कलेक्टर श्री अनिल जैन, डिप्टी कलेक्टर डॉ. बबीता राठौर सहित अन्य जिला अधिकारी, स्कूली विद्यार्थी एवं पत्रकारगण उपस्थित रहे।

