अयोध्या के फैजाबाद बार एसोसिएशन ने राम मंदिर के दान में कथित हेराफेरी मामले में गिरफ्तार आठ आरोपियों का केस न लड़ने का फैसला किया है. एसोसिएशन ने चेतावनी दी कि जो वकील आरोपियों की पैरवी करेगा, उस पर 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा. बैठक में मंदिर प्रबंधन से जुड़े चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव से तीन दिन में अयोध्या छोड़ने की मांग भी की गई.
धार्मिक भावनाएं आहत: बार एसोसिएशन के सचिव शैलेंद्र जायसवाल ने प्रेस को बताया कि मंदिर के दान की चोरी से देश भर के राम भक्तों और आम जनता की धार्मिक भावनाएं गहरी आहत हुई हैं, जिस वजह से वकीलों ने यह कड़ा कदम उठाया है।
आगामी कानूनी कदमCBI जांच की मांग: बार एसोसिएशन अब इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए सीबीआई (CBI) जांच की मांग को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट और आवश्यकता पड़ने पर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने की तैयारी कर रहा है।
SIT की कार्रवाई: अयोध्या पुलिस इस मामले में 7 अलग-अलग बैंकों से पिछले 5 वर्षों के बैंक रिकॉर्ड खंगाल रही है ताकि चंदे की हेराफेरी के मुख्य स्रोतों का पता लगाया जा सके।

