सीहोर जिला मुख्यालय के समीपस्थ हर साल की तरह इस साल भी सावन मास के पवित्र दिनों में पूरे माह प्रतिदिन हजारों की संख्या में कांवड़ यात्री शहर के सीवन नदी के तट पर पहुंचकर पैदल ही करीब 11 किलोमीटर तक पूरी आस्था और उत्साह के साथ धाम पर पहुंचकर भगवान का विशेष अभिषेक करते आ रहे है। कांवड यात्रा को लेकर अंतर्राष्ट्रीय कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा के मार्गदर्शन में विठलेश सेवा समिति ने तैयारियां अभी से शुरू कर दी है। मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्था रहेगी। रविवार को भी विठलेश सेवा समिति की ओर से पंडित विनय मिश्रा, पंडित समीर शुक्ला सहित अन्य ने यहां पर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भोजन प्रसादी की व्यवस्था की।
गत दिनों पंजाब के बठिंडा में आयोजित शिवमहापुराण कथा के दौरान अंतर्राष्ट्रीय कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने श्रद्धालुओं से कांवड़ यात्रा में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया। कथा के दौरान उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा केवल एक धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि भगवान शिव के प्रति समर्पण, श्रद्धा और आस्था का महापर्व है। जो भक्त श्रद्धा और विश्वास के साथ पवित्र जल लेकर भगवान शिव का अभिषेक करते हैं, उन पर महादेव की विशेष कृपा बनी रहती है। कांवड़ यात्रा व्यक्ति के भीतर सकारात्मक ऊर्जा, संयम और भक्ति का संचार करती है तथा जीवन को नई दिशा प्रदान करती है।
उन्होंने श्रद्धालुओं से आग्रह करते हुए कहा कि आगामी कांवड़ यात्रा में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर भगवान भोलेनाथ की आराधना करें। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा का प्रत्येक कदम शिव भक्ति की ओर बढ़ता हुआ कदम है और इससे भक्तों को आध्यात्मिक शांति एवं पुण्य की प्राप्ति होती है।
पूरे माह कांवड़ यात्रा निकाली जाएगी
विठलेश सेवा समिति के मीडिया प्रभारी मनोज दीक्षित मामा ने बताया कि लंबे समय से अंतर्राष्ट्रीय कथा वाचक पंडित श्री मिश्रा के आह्वान पर जिला मुख्यालय स्थित कुबेरेश्वरधाम करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केन्द्र है। यहां पर श्रावण एवं भक्ति के पावन माह में कुबेरेश्वरधाम में शिवभक्तों के लिए विशेष धार्मिक आयोजनों का क्रम जारी रहेगा। इसी कड़ी में पूरे माह कांवड़ यात्रा निकाली जाएगी, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान शिव के जयघोष के साथ शामिल होंगे। पूरे माह कांवड़ में शामिल होने वाले यात्रियों के लिए सीवन नदी के तट से धाम तक अनेक स्टाल लगाकर पेयजल, प्रसादी आदि की व्यवस्था की जाएगी। वहीं 25 अगस्त को भव्य कांवड़ यात्रा का आयोजन किया जाएगा। यात्रा सीवन नदी के पवित्र तट से प्रारंभ होकर कुबेरेश्वरधाम तक पहुंचेगी। श्रद्धालु करीब 11 किलोमीटर की पदयात्रा कर पवित्र जल लेकर भगवान शिव का अभिषेक करेंगे। यात्रा के दौरान शिवभक्त हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयघोष के साथ भक्तिमय वातावरण का निर्माण करेंगे। मार्ग में विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं के स्वागत, जलपान एवं विश्राम की व्यवस्था भी की जाएगी। आयोजन समिति द्वारा सुरक्षा और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की तैयारियां प्रारंभ कर दी गई हैं। कांवड़ यात्रा केवल एक यात्रा नहीं, बल्कि आस्था, तप, संयम और शिव भक्ति का प्रतीक है। भगवान शिव को अर्पित किया गया जल भक्तों के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का संदेश लेकर आता है। इसी श्रद्धा के साथ हर वर्ष लाखों की संख्या में श्रद्धालु कांवड़ यात्रा में शामिल होकर धर्म लाभ प्राप्त करते हैं। कुबेरेश्वरधाम में पूरे माह चलने वाले धार्मिक आयोजनों में भजन-कीर्तन, शिव पूजन, रुद्राभिषेक एवं सत्संग का भी आयोजन किया जाएगा। श्रद्धालुओं में कांवड़ यात्रा को लेकर विशेष उत्साह देखा जा रहा है। श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में कांवड़ यात्रा में शामिल होने का आग्रह किया है। उनका कहना है कि भगवान शिव की भक्ति से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
25 अगस्त शिवभक्तों की आस्था का विशाल संगम
25 अगस्त को सीवन नदी से कुबेरेश्वरधाम तक निकलने वाली 11 किलोमीटर की यह भव्य कांवड़ यात्रा शिवभक्तों की आस्था का विशाल संगम बनेगी, जिसमें हजारों श्रद्धालु पैदल चलकर भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करेंगे। पूरा क्षेत्र हर-हर महादेव के जयघोष से गुंजायमान रहेगा।
