मंडल रेल चिकित्सालय, कोटा में सतत् चिकित्सा शिक्षा कार्यक्रम का आयोजन एवं प्रमुख मुख्य चिकित्सा निदेशक द्वारा चिकित्सालय का विस्तृत निरीक्षण

कोटा। प्रमुख मुख्य चिकित्सा निदेशक डॉ. बी. सी. एस. राव की अध्यक्षता एवं मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुपर्णा सेन रॉय के मार्गदर्शन में मंडल रेल चिकित्सालय, कोटा के सभाकक्ष में “सीने में दर्द — कारण और निवारण” विषय पर सतत् चिकित्सा शिक्षा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य चिकित्सा अधिकारियों एवं सहायक चिकित्सा कर्मचारियों को हृदयाघात के शीघ्र निदान एवं आपात प्रबंधन के प्रति जागरूक करना था।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डॉ. निशांत सक्सेना, आयुर्विज्ञान स्नातकोत्तर एवं हृदय रोग विशेषज्ञ, रेलवे चिकित्सालय कोटा ने बताया कि हृदयाघात का दर्द सामान्यतः छाती के बीच में दबाव, भारीपन, जकड़न या निचोड़ने जैसी अनुभूति के रूप में होता है। यह दर्द सीने से आरंभ होकर बाएँ हाथ, गर्दन, जबड़े, पीठ या पेट के ऊपरी हिस्से तक फैल सकता है। उन्होंने बताया कि यह दर्द सामान्यतः तीन से पाँच मिनट से अधिक समय तक लगातार बना रहता है और आराम करने या करवट बदलने से शीघ्र ठीक नहीं होता।
डॉ. सक्सेना ने अन्य सहायक लक्षणों की जानकारी देते हुए बताया कि अचानक ठंडा पसीना आना, साँस फूलना, चक्कर आना, जी मिचलाना एवं अचानक घबराहट हृदयाघात के महत्वपूर्ण संकेत हो सकते हैं। उन्होंने सचेत किया कि हृदयाघात एवं गैस के दर्द के लक्षणों में भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो सकती है, अतः किसी भी संदेह की स्थिति में तत्काल जाँच एवं आपात चिकित्सीय कार्यवाही की जानी चाहिए।
प्रमुख मुख्य चिकित्सा निदेशक डॉ. बी. सी. एस. राव ने इस अवसर पर कहा कि रेलवे कर्मचारियों एवं उनके परिवारजनों की बीस वर्ष की आयु के पश्चात् रक्तचाप एवं रक्त शर्करा की जाँच वर्ष में कम से कम एक बार अवश्य करवाई जानी चाहिए। समय रहते की गई जाँच अनेक गंभीर बीमारियों से बचाव में सहायक सिद्ध होती है।
कार्यक्रम के पश्चात् प्रमुख मुख्य चिकित्सा निदेशक डॉ. बी. सी. एस. राव ने मंडल रेल चिकित्सालय, कोटा का विस्तृत निरीक्षण किया। उन्होंने बाह्य रोगी विभाग, आंतरिक रोगी विभाग, आपातकालीन वार्ड, औषधालय, चिकित्सालय की साफ-सफाई व्यवस्था, चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता एवं कर्मचारियों की तैनाती का बारीकी से जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने चिकित्सालय में रेलकर्मियों एवं उनके परिवारजनों को मिलने वाली सुविधाओं को और बेहतर बनाने हेतु संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने समर्पण भाव से कार्यरत चिकित्सा एवं सहायक चिकित्सा कर्मचारियों की मुक्त कंठ से सराहना की।
इस कार्यक्रम में मंडल के समस्त चिकित्सा अधिकारी, प्रशिक्षु चिकित्सक एवं सहायक चिकित्सा कर्मचारियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया।
