नई दिल्ली 30 मई मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ने अधिवक्ताओं (वकीलों) के एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए लोकतांत्रिक प्रक्रिया में मतदाता सूची की शुद्धता पर विशेष जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि एक मजबूत और पारदर्शी लोकतंत्र की नींव सटीक मतदाता सूची पर ही टिकी होती है।
सीईसी ने कहा, “यदि हमारी मतदाता सूची पूरी तरह निष्पक्ष, शुद्ध और त्रुटिहीन होगी, तभी देश में निष्पक्ष चुनाव संभव हैं।” मतदाता सूची में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पूरी चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती है।
उन्होंने कानून के जानकारों और अधिवक्ताओं से अपील की कि वे समाज में चुनावी साक्षरता बढ़ाने और फर्जी वोटिंग व मतदाता सूची की कमियों को दूर करने में कानूनी और सामाजिक स्तर पर सहयोग करें।
चुनाव आयोग मतदाता सूची को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए लगातार आधुनिक तकनीक और डिजिटल वेरिफिकेशन का इस्तेमाल कर रहा है ताकि बोगस (फर्जी) वोटरों के नाम हटाए जा सकें।
