एसईसीएल के सभी क्षेत्रों के प्रतिनिधियों के साथ नई केंद्रीय कमेटी का गठन, संगठन को मजबूत करने का लिया संकल्प
कोरबा। एसईसीएल के श्रमिक संगठन कोयला मजदूर सभा (एचएमएस) में पिछले कई महीनों से चल रहे विवाद ने अब बड़ा राजनीतिक और संगठनात्मक मोड़ ले लिया है। संगठन के कई वरिष्ठ पदाधिकारियों और बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने कोयला मजदूर सभा से अलग होकर कोयला मजदूर पंचायत (एचएमएस) की नई केंद्रीय कमेटी का गठन कर लिया है।
जानकारी के अनुसार, कोयला मजदूर सभा के भीतर लंबे समय से संगठन की कार्यप्रणाली को लेकर असंतोष बना हुआ था। बागी नेताओं का आरोप है कि संगठन में वित्तीय अनियमितता, संविधान के प्रावधानों की अनदेखी और मनमाने तरीके से पदाधिकारियों को हटाने जैसी गतिविधियां हो रही थीं। इसके अलावा संगठन में परिवारवाद को बढ़ावा देने और प्रमुख पदों पर अपने परिजनों को जिम्मेदारी दिए जाने को लेकर भी कई वरिष्ठ नेता नाराज बताए जा रहे थे।
इसी असंतोष के चलते संगठन के कई वरिष्ठ पदाधिकारी और हजारों कार्यकर्ताओं ने कोयला मजदूर सभा से इस्तीफा देकर कोयला मजदूर पंचायत (एचएमएस) का दामन थाम लिया। इसके बाद एसईसीएल के गेवरा, दीपका, कुसमुंडा, रायगढ़, सोहागपुर, जोहिला, जमुना-कोतमा, हसदेव, चिरमिरी-बैकुंठपुर, विश्रामपुर, भटगांव और बिलासपुर सहित विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में नई केंद्रीय कमेटी का गठन किया गया।
सूत्रों के अनुसार, कोयला मजदूर सभा के महामंत्री नाथूलाल पांडे के खिलाफ वित्तीय गड़बड़ी के आरोपों की जांच एसईसीएल एवं फेडरेशन स्तर पर गठित जांच समिति द्वारा की गई थी। बताया जा रहा है कि जांच रिपोर्ट फेडरेशन के महामंत्री हरभजन सिंह सिद्धू को सौंप दी गई है। हालांकि इन आरोपों पर संबंधित पक्ष की प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
नई गठित केंद्रीय कमेटी में रेशम लाल यादव को अध्यक्ष, विनय कुमार सिंह को महामंत्री, अख्तर जावेद को उपमहामंत्री तथा रमेश्वर दुबे, हरि यादव और एस.एन. मिश्रा को उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा पूर्व संगठन से जुड़े कई अनुभवी पदाधिकारियों को भी नई कमेटी में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी गई हैं।
नई कमेटी के पदाधिकारियों ने कहा कि संगठन में किसी प्रकार का परिवारवाद या क्षेत्रवाद नहीं रहेगा। सभी जिम्मेदारियां कार्यकर्ताओं के अनुभव, ईमानदारी और संगठन के प्रति समर्पण को देखते हुए दी गई हैं। उन्होंने श्रमिक हितों की रक्षा, संगठन को मजबूत बनाने और मजदूरों की समस्याओं के समाधान के लिए एकजुट होकर काम करने का संकल्प लिया।
नई कमेटी के गठन के बाद श्रमिक संगठन की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। पदाधिकारियों का दावा है कि एसईसीएल के विभिन्न क्षेत्रों से लगातार बड़ी संख्या में कार्यकर्ता कोयला मजदूर पंचायत से जुड़ रहे हैं, जिससे संगठन का विस्तार तेजी से हो रहा है। आने वाले दिनों में इस बदलाव का असर एसईसीएल की श्रमिक राजनीति पर भी देखने को मिल सकता है।

