बालको के सेंट्रल सिक्योरिटी ऑपरेशन सेंटर का संचालन अब पूरी तरह महिलाओं के हाथों, तकनीक और नेतृत्व का बना सशक्त उदाहरण
कोरबा/बालकोनगर, 24 जुलाई 2026। औद्योगिक सुरक्षा के क्षेत्र में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी ने पारंपरिक सोच को नई दिशा दी है। जिस सुरक्षा व्यवस्था को कभी केवल शारीरिक शक्ति से जोड़कर देखा जाता था, आज उसी क्षेत्र में महिलाएं नेतृत्व करते हुए अपनी क्षमता का परिचय दे रही हैं। बालको ने इस दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए अपने सेंट्रल सिक्योरिटी ऑपरेशन सेंटर (सीएसओसी) का संचालन पूरी तरह महिला कर्मचारियों को सौंप दिया है।
बालको का सीएसओसी अब शी-एसओसी (सिक्योरिटी हार्मनी एंड एक्सीलेंस) के रूप में संचालित हो रहा है। यह केंद्र 24 घंटे और सप्ताह के सातों दिन लगातार सक्रिय रहता है। यहां से संयंत्र परिसर में लगे सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों की निगरानी, सुरक्षा अलर्ट का विश्लेषण, आपात स्थितियों में त्वरित समन्वय तथा सुरक्षा टीमों को आवश्यक दिशा-निर्देश देने जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां पूरी तरह महिला टीम निभा रही है।
कंपनी के अनुसार, आधुनिक औद्योगिक सुरक्षा में केवल शारीरिक क्षमता ही नहीं, बल्कि तकनीकी दक्षता, सतर्कता, तार्किक सोच, त्वरित निर्णय लेने की क्षमता और प्रभावी संवाद कौशल की भी अहम भूमिका होती है। महिलाओं की सक्रिय भागीदारी ने सुरक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी, संतुलित और पेशेवर बनाया है।
शी-एसओसी की प्रभारी वर्षा द्विवेदी ने बताया कि बालको ने उन्हें सुरक्षा संचालन का नेतृत्व करने का अवसर और भरोसा दिया है। आधुनिक सुरक्षा प्रणालियों, नई तकनीकों और नियमित प्रशिक्षण से उनका आत्मविश्वास लगातार बढ़ा है। उनका कहना है कि चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में काम करने से निर्णय लेने की क्षमता मजबूत हुई है और महिलाओं को नेतृत्व की भूमिका निभाने के लिए संगठन का विश्वास सबसे बड़ी प्रेरणा है।
महिला कर्मचारी रेखा श्रीवास्तव का मानना है कि सुरक्षा केवल शारीरिक शक्ति का विषय नहीं है, बल्कि सतर्कता, अनुशासन, ईमानदारी और सही समय पर सही निर्णय लेने की क्षमता अधिक महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने कहा कि महिलाओं ने अपने कौशल, प्रशिक्षण और समर्पण के बल पर बार-बार साबित किया है कि किसी भी जिम्मेदारी को सफलता से निभाने की क्षमता योग्यता और मेहनत पर निर्भर करती है।
पूजा टंडन के अनुसार, सुरक्षा क्षेत्र में हर दिन नई चुनौतियां सामने आती हैं, जो सीखने और खुद को बेहतर बनाने का अवसर देती हैं। सीएसओसी में तकनीक आधारित सुरक्षा संचालन का अनुभव उनके पेशेवर जीवन को नई दिशा दे रहा है। उनका कहना है कि किसी आपात स्थिति में समय पर लिया गया सही निर्णय बड़े जोखिम को टाल सकता है, जिससे अपने कार्य की वास्तविक सार्थकता का एहसास होता है।
बालको का शी-एसओसी महिलाओं के नेतृत्व, समान अवसर और समावेशी कार्य संस्कृति का प्रेरक उदाहरण बनकर उभरा है। कंपनी का यह मॉडल दर्शाता है कि सही प्रशिक्षण, विश्वास और अवसर मिलने पर महिलाएं औद्योगिक सुरक्षा जैसे चुनौतीपूर्ण क्षेत्र में भी उत्कृष्ट नेतृत्व प्रदान कर सकती हैं। यह पहल न केवल महिला सशक्तिकरण को नई पहचान देती है, बल्कि आधुनिक सुरक्षा व्यवस्था में बदलती सोच का भी मजबूत संदेश देती है।

