कोरबा/बालकोनगर। बालकोनगर में उत्कल भारती समिति के तत्वावधान में भगवान जगन्नाथ की पावन रथयात्रा श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ संपन्न हुई। इस धार्मिक आयोजन में बालको के उप मुख्य कार्यकारी अधिकारी (धातु) श्री निकेत श्रीवास्तव, वरिष्ठ अधिकारियों, कर्मचारियों, उनके परिवारजनों तथा बड़ी संख्या में नगरवासियों ने भाग लिया। विधि-विधान से पूजा-अर्चना के बाद भगवान जगन्नाथ, देवी सुभद्रा और भगवान बलभद्र को सुसज्जित रथ पर विराजमान कर भव्य रथयात्रा का शुभारंभ किया गया।

श्री निकेत श्रीवास्तव ने भगवान जगन्नाथ की पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद प्राप्त किया और श्रद्धालुओं के साथ स्वयं रथ खींचकर इस पावन परंपरा में अपनी सहभागिता निभाई। “जय जगन्नाथ” के गगनभेदी जयघोष से पूरा बालकोनगर भक्तिमय वातावरण में डूब गया। रथयात्रा के अग्रभाग में चल रहे कर्मा नृत्य दल की मनमोहक प्रस्तुति, पारंपरिक वाद्ययंत्रों की मधुर धुन, भक्ति संगीत और सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने श्रद्धालुओं का उत्साह कई गुना बढ़ा दिया।
रथयात्रा राम मंदिर से प्रारंभ होकर बालकोनगर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए रामलीला मैदान स्थित श्री गुंडिचा मंदिर पहुंची, जहां भगवान जगन्नाथ, देवी सुभद्रा एवं भगवान बलभद्र की विधिवत स्थापना कर विशेष पूजा-अर्चना संपन्न कराई गई। आयोजन समिति ने बताया कि 16 जुलाई से 24 जुलाई तक श्री गुंडिचा मंदिर में प्रतिदिन धार्मिक अनुष्ठान, भजन-कीर्तन, महाप्रसाद वितरण तथा विभिन्न आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।
बालकोनगर में भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा का आयोजन पिछले 45 वर्षों से निरंतर किया जा रहा है। समय के साथ यह उत्सव केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक विरासत और सामुदायिक एकता का सशक्त प्रतीक बन चुका है। हर वर्ष की तरह इस बार भी आयोजन ने श्रद्धा, परंपरा और सांस्कृतिक सौहार्द का अनुपम संदेश देते हुए नगरवासियों के बीच धार्मिक उल्लास का नया अध्याय जोड़ दिया।

