कार-मोबाइल सहित ₹6.40 लाख की संपत्ति जब्त
कोंडागांव। कोंडागांव पुलिस ने स्वयं को पत्रकार बताकर लोगों को समाचार प्रकाशित करने और बदनाम करने की धमकी देकर कथित रूप से अवैध वसूली करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक कार, एक मोबाइल फोन और 30 हजार रुपये नकद सहित लगभग 6 लाख 40 हजार रुपये मूल्य की संपत्ति जब्त की है। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
पुलिस के अनुसार, थाना कोंडागांव क्षेत्र के जामपदर पारा निवासी तिमिर प्रकाश पटेल ने शिकायत दर्ज कराई थी कि दो व्यक्ति स्वयं को पत्रकार बताते हुए उनकी बीज भंडार दुकान पर पहुंचे। आरोप है कि उन्होंने दुकान की फोटो और वीडियो बनाकर समाचार प्रकाशित करने, बदनाम करने तथा जेल भिजवाने की धमकी दी और 30 हजार रुपये की मांग कर राशि वसूल ली। शिकायत के आधार पर थाना कोंडागांव में अपराध क्रमांक 213/2026 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 308(2) एवं 3(5) के तहत मामला पंजीबद्ध कर जांच शुरू की गई।
पुलिस अधीक्षक पंकज चंद्रा के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कपिल चंद्रा, एसडीओपी रूपेश कुमार के मार्गदर्शन तथा थाना प्रभारी निरीक्षक सौरभ उपाध्याय के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कार्तिकेश्वर कश्यप (43 वर्ष), निवासी मावलीगुड़ा, थाना बस्तर तथा विशाल सोनी (29 वर्ष), निवासी करेकोटपारा, पण्डरीपानी, थाना परपा, जिला बस्तर को गिरफ्तार किया।
पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान आरोपियों ने स्वयं को पत्रकार बताकर लोगों को समाचार प्रकाशित कर बदनाम करने का भय दिखाते हुए रुपये वसूलने की बात स्वीकार की। उनके कब्जे से डिजायर कार (क्रमांक CG 17 LC 6661), एक मोबाइल फोन तथा 30 हजार रुपये नकद जब्त किए गए।
इस कार्रवाई में निरीक्षक सौरभ उपाध्याय, उपनिरीक्षक राजकुमार कोमरा, प्रधान आरक्षक अशोक कुमार मरकाम, ललित गावड़े, आरक्षक बुधराम कोर्राम तथा साइबर सेल के प्रधान आरक्षक अजय बघेल, आरक्षक बिरजू सोरी और बिजू यादव की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
कोंडागांव पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई पत्रकारिता की आड़ में कथित आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध की गई है। इसका उद्देश्य निष्पक्ष और जिम्मेदार पत्रकारिता करने वाले पत्रकारों की छवि को प्रभावित करना नहीं है। कानून सभी के लिए समान है और किसी भी पेशे की आड़ में अवैध गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

