तेहरान/वाशिंगटन डीसी: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गुजर रहे भारतीय झंडे वाले वाणिज्यिक जहाजों पर ड्रोन से हमला करने की कोशिश की थी। हालांकि, वहां तैनात अमेरिकी नौसेना ने इस हमले को समय रहते नाकाम कर दिया।
राष्ट्रपति ट्रंप ने सोशल मीडिया पर ईरान को सख्त चेतावनी देते हुए लिखा है कि “ईरान को अपनी हरकतें जल्द से जल्द सुधारनी चाहिए।”
- समझौते की बातें लीक करने पर भड़के ट्रंप: डोनाल्ड ट्रंप ने गोपनीय शांति समझौते की बातें मीडिया में लीक करने के लिए ईरान की कड़ी आलोचना की। ट्रंप ने आरोप लगाया कि ईरान मीडिया में गलत जानकारियां फैलाकर यह दिखाने की कोशिश कर रहा है कि समझौता उसकी शर्तों पर हुआ है, जबकि असल हकीकत कुछ और है। इससे पहले ट्रंप ने व्हाइट हाउस में पत्रकारों को बताया था कि ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई नई डील के लिए मान गए हैं और इसी हफ्ते यूरोप में शांति समझौते पर हस्ताक्षर हो सकते हैं, जिसमें उपराष्ट्रपति जेडी वेंस (JD Vance) भी शामिल होंगे।
- अमेरिकी हमलों में 3 भारतीय नाविकों की मौत का दावा: खबर के मुताबिक, अमेरिकी सेना द्वारा ओमान तट के पास ‘सेंटेवेन’ नामक जहाज पर की गई कार्रवाई/हमले में 3 भारतीय क्रू मेंबर्स (नाविकों) की मौत की पुष्टि हुई है।
- 4 दिनों में 3 जहाजों पर हमला: होर्मुज और ओमान के पास पिछले चार दिनों में ‘मैरीवेन’, ‘सेंटेवेन’ और ‘एल बशीर’ नाम के तीन जहाजों को निशाना बनाया गया है। इन जहाजों पर करीब 70 भारतीय क्रू मेंबर्स (नाविक) सवार थे।
- भारत ने अमेरिकी राजदूत को किया तलब: भारतीय क्रू वाले जहाज ‘एमटी एल बशीर’ पर हुए हमले के बाद भारत सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। भारत ने अमेरिकी राजदूत (US Ambassador) को तलब (Summon) किया है और अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर जहाजों पर हो रहे इन हमलों को तुरंत रोकने की मांग की है।
- ईरान के तेल ठिकानों को उड़ाने की धमकी: बढ़ते तनाव के बीच ट्रंप ने ईरान को अब तक की सबसे बड़ी सैन्य कार्रवाई की धमकी दी है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि अमेरिकी सेना ईरान के प्रमुख तेल ठिकानों को निशाना बना सकती है।
- ईरान का बयान – “परमाणु हथियार नहीं बनाएंगे”: अमेरिका के साथ बढ़ते भारी तनाव के बीच ईरानी सेना के वरिष्ठ अधिकारी एडमिरल हबीबुल्लाह सैय्यरी ने स्पष्ट किया है कि तेहरान (ईरान) का परमाणु बम या परमाणु हथियार बनाने का कोई इरादा नहीं है।
