नई दिल्ली:
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘खेलो इंडिया संवाद’ के दौरान देश भर के खिलाड़ियों, छात्रों और युवाओं को संबोधित करते हुए भारतीय खेलों के सामने मौजूद एक बड़ी चुनौती की ओर ध्यान आकर्षित किया। पीएम मोदी ने कहा कि भारत ओलंपिक के लगभग आधे खेलों में हिस्सा ही नहीं लेता, जिससे पदकों का एक बड़ा हिस्सा प्रतिस्पर्धा से बाहर रह जाता है।
5 से 15 साल के बच्चों के लिए ‘राष्ट्रव्यापी टैलेंट हंट’
15 अगस्त के भाषण का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने बताया कि 2036 ओलंपिक की मेजबानी की तैयारी के तहत सरकार 5 से 15 वर्ष की आयु के बच्चों की प्रतिभा पहचानने के लिए एक बड़ा ‘टैलेंट हंट’ अभियान चलाने जा रही है।
स्क्रीन से ज्यादा प्लेग्राउंड महत्वपूर्ण”
संबोधन के दौरान पीएम मोदी ने युवाओं को नशे की समस्या से दूर रहने और मैदान से जुड़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि “स्क्रीन से अधिक स्पोर्ट्स सेंटर और प्ले-स्टेशन से अधिक प्ले-ग्राउंड (खेल के मैदान) की अहमियत है। खेल सिर्फ चैंपियन बनना नहीं, बल्कि बेहतर प्रतियोगी बनना और गिरकर फिर से उठ खड़े होने का जज़्बा सिखाता है।”
